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हिंदी कविता और स्त्री विमर्श : कात्यायनी की कविता रात के संतरी

हिंदी कविता और स्त्री विमर्श : कात्यायनी की कविता रात के संतरी : Katyayani Poetry

रात के संतरी की कविता / कात्यायनी की कविता : भाग्य श्री - हिंदी कविता और स्त्री विमर्श : katyayani poetry : कात्यायनी की स्त्री विमर्श कविता.... प्रस्तुति - - भाग्य श्री (Bhagya Shree), हैदरनगर, झारखंड।

आदिकाल से लेकर आजतक की कविताओं में स्त्री पर अनेक कविताएं लिखी गई हैं। लेकिन आदिकाल से आजतक की कविताओं का रूप भिन्न भिन्न है। पहले लिखी गई कविता में स्त्री का स्वरूप किस तरह लिखा गया है, आज स्वयं स्त्री द्वारा लिखी गई कविताओं में उनकी उपस्थिति किस तरह लिखा जा रहा है। स्त्री विमर्श का अर्थ है स्त्री अस्मिता को केंद्र में रखकर लिखना। स्त्री विमर्श का अंग्रेजी अर्थ फेमिनिज्म है।

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