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रहीम के दोहे : निज कर क्रिया रहीम कहि, सिधि भावी के हाथ

Rahim Ke Dohe

निज कर क्रिया रहीम कहि, सिधि भावी के हाथ : Rahim Ke Dohe with Meaning

निज कर क्रिया ‘रहीम’ कहि, सिधि भावी के हाथ।

nij kar kriya ‘raheem’ kahi, sidhi bhaavee ke haath.

पाँसा अपने हाथ में, दाँव न अपने हाथ॥

paansa apane haath mein, daanv na apane haath.

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