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रहीम के दोहे: समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जात

Rahim ke Dohe

समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जात

समय पाय फल होत है, समय पाय झरि जात।

Samay paee phal hoth hai, Samay paee jhari haath.

सदा रहै नहिं एक सी, का ‘रहीम’ पछितात।

Sada raihin nahin ek si, ka raheem pachhataat.

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