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Hindi Diwas Par Kavita : हिंदी जैसी बात नहीं - poem on hindi day

हिंदी दिवस पर कविता 

हिंदी जैसी बात नहीं

भाषाओं का देश है भारत

पर हिन्दी जैसी बात नही।

संस्कृत ने दी हमें संस्कृति

दिया हिन्दी ने हिन्दुस्तान।

अपनाकर अंग्रेजी भाषा को

क्यों भूल गये अपनी पहचान?

आजादी की पहचान कराती

वीरों की गाथाएं सुनाती।

एक धागे मे बांध सभी को

एकता का पाठ सिखाती।

सारी दुनिया में, हिन्दी का डंका

हिन्दी भाषा भारत की जान। 

अपनाकर अंग्रेजी भाषा को

क्यों भूल गये अपनी पहचान?

हम सबका अभिमान है हिन्दी

हिन्दुस्तान का है श्रृंगार।

उत्तर, दक्षिण, पूर्व से पश्चिम

हर कोने को हिन्दी से प्यार।

अपनी राष्ट्रीय भाषा का आओं करे सम्मान।

अपनाकर अंग्रेजी भाषा को

क्यों भूल गये अपनी पहचान?

मेरे सपनों की पहचान है हिन्दी

हिन्दी साहित्य की जान है हिन्दी।

सबके व्यक्तित्व को निखारती

सब विधाओं का मान है हिन्दी।

देश का गौरव देश की है शान

अपनाकर अंग्रेजी भाषा को

क्यों भूल गये अपनी पहचान?


हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

निधि "मानसिंह"
कैथल हरियाणा
nidhisinghiitr@gmail.com

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