Hindi Diwas Par Kavita : हिंदी जैसी बात नहीं - poem on hindi day

Dr. Mulla Adam Ali
0

हिंदी दिवस पर कविता 

हिंदी जैसी बात नहीं

भाषाओं का देश है भारत

पर हिन्दी जैसी बात नही।

संस्कृत ने दी हमें संस्कृति

दिया हिन्दी ने हिन्दुस्तान।

अपनाकर अंग्रेजी भाषा को

क्यों भूल गये अपनी पहचान?

आजादी की पहचान कराती

वीरों की गाथाएं सुनाती।

एक धागे मे बांध सभी को

एकता का पाठ सिखाती।

सारी दुनिया में, हिन्दी का डंका

हिन्दी भाषा भारत की जान। 

अपनाकर अंग्रेजी भाषा को

क्यों भूल गये अपनी पहचान?

हम सबका अभिमान है हिन्दी

हिन्दुस्तान का है श्रृंगार।

उत्तर, दक्षिण, पूर्व से पश्चिम

हर कोने को हिन्दी से प्यार।

अपनी राष्ट्रीय भाषा का आओं करे सम्मान।

अपनाकर अंग्रेजी भाषा को

क्यों भूल गये अपनी पहचान?

मेरे सपनों की पहचान है हिन्दी

हिन्दी साहित्य की जान है हिन्दी।

सबके व्यक्तित्व को निखारती

सब विधाओं का मान है हिन्दी।

देश का गौरव देश की है शान

अपनाकर अंग्रेजी भाषा को

क्यों भूल गये अपनी पहचान?


हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

निधि "मानसिंह"
कैथल हरियाणा
nidhisinghiitr@gmail.com

ये भी पढ़ें; Poem on Hindi Day 2024: Meri Hindi - Teri Hindi by Nidhi Mansingh

Tags; poem on hindi day, poem on hindi diwas 2024, hindi diwas par Kavita, hindi day poetry, poetry status, poetry on hindi diwas, hindi diwas poetry status, apni hindi, hindi hamari pahchan hai kavita, हिंदी दिवस पर विशेष कविता, हिंदी डे पर कविता, हिंदी कविता, हिंदी दिवस पोएट्री, पोएट्री स्टेटस, हिंदी दिवस 2024, vishw hindi diwas 2024, world hindi day 2024, international hindi day 2024, विश्व हिंदी दिवस 2024, अंतरराष्ट्रीय हिंदी दिवस 2024, hindi diwas 2024, hindi day 2024..

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top