विश्व नदी दिवस कविता : नदियाँ सबकी भाग्यविधाता - डॉ. गिरिराजशरण अग्रवाल

Dr. Mulla Adam Ali
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World Rivers Day 2024 : Poem On River In Hindi by Dr. Giriraj Sharan Agarwal

Poem On River In Hindi by Giriraj Sharan Agarwal

24 सितंबर विश्व नदी दिवस पर कविता 2024 : सितंबर माह का चौथा रविवार नदियों को समर्पित है। इस दिन विश्व नदी दिवस मनाया जाता है। 'विश्वस्य मातरः सर्वाः' का संदेश देते हुए महाभारत में एक श्लोक है, जो युधिष्ठिर को संबोधित है। इसका अर्थ है, यहां सभी नदियां संपूर्ण विश्व की माताएं हैं और वे सबको सब पुण्य फल देने वाली हैं, यानी हमारे देश में नदियों को माता कहने की परंपरा बहुत पुरानी है। आज विश्व नदी दिवस नदियों को समर्पित एक कविता "नदियाँ सबकी भाग्यविधाता", डॉ. गिरिराजशरण अग्रवाल की कविता नदी के विषय पर बेहतरीन हिंदी कविता नदियाँ सबकी भाग्यविधाता। विश्व नदी दिवस पर एक कविता, नदी के विषय पर हिंदी कविता, Dr. G. S. Agarwal Poetry in Hindi, Poem on River in Hindi, World River Day Poem in Hindi, Dr. Giriraj Sharan Agarwal Poem on River in Hindi, World River Day Poetry in Hindi, Nadiya Sab Ki Bhagyavidhaata Kavita, Vishwa Nadi Diwas Par Kavita...

विश्व नदी दिवस पर नदियों को समर्पित एक कविता

नदियाँ सबकी भाग्यविधाता


नदियाँ सबकी भाग्यविधाता

सदियों से है इनसे नाता


बड़े-बड़े नगरों की रचना

हुई किनारे पर नदियों के

बने तीर्थ, पुरुषार्थ सजे हैं

देतीं ज्ञान हमें सदियों के

जीवनदायी इन नदियों ने

पाला-पोषा बनकर माता


सभी मांगलिक कार्य हमारे

नदियों के तट पर होते हैं

नदियों के ही पावन जल से

खेतों में फसलें बोते हैं

रक्षा करनी है नदियों की

नदियों से जीवन सरसाता


शहर बसाकर बेलगाम हम

नदी क्षेत्र को छीन रहे हैं

बदला लेती हैं जब नदियाँ

डूबा जीवन, शहर बहे हैं

स्वच्छ रखें नदियों की धारा

उजड़ा जीवन पाठ सिखाता


नालों में जो बहता कचरा

नदियों को दूषित करता है

बड़ी मिलों का गंदा पानी

नदियों को विष से भरता है

पीने को यदि नहीं मिले जल

तो जीवन का रथ रुक जाता


यह कर्तव्य हमारा है अब

साफ रखेंगे हम नदियों को

नहीं भरेंगे कूड़ा-कचरा

जीवित रक्खेंगे सदियों को

ये देवी हैं, ये माता हैं

नदियाँ हैं जीवन की दाता

- डॉ. गिरिराजशरण अग्रवाल

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