बाल कविता : ईद मुबारक - निधि मानसिंह

Dr. Mulla Adam Ali
0

बाल कविता

🌜 ईद मुबारक 🌛

आओ शबिया, आओ शबीना

बड़ा पाक रमजान महीना।

नये - नये कपड़े सिलवाये

बच्चे ईदी मांगने जाये।


ईदगाह पर मेला भारी

खेल, खिलौने, झूला, सवारी।


सब ईदगाह में नमाज पढें

गले मिले और मीठा बँटे।


खुश होकर नाचे छोटी रूकैय्या

खूब खायेंगे आज सिवाईया।

अम्मी सजती चाची सजती

देती दुआएं दादी अमीना।


आओ शबिया आओ शबीना

बड़ा पाक रमजान महीना।


ईद मुबारक

निधि "मानसिंह"

कैथल, हरियाणा
nidhisinghiitr@gmail.com

ये भी पढ़ें;

प्रेरणादायक : 'मंदिर' में दाना चुगकर चिड़ियां 'मस्जिद' में पानी पीती हैं

मिट्टी का कटोरा (कहानी) - डॉ0 मोहम्मद अरशद ख़ान

बाल साहित्य - निधि 'मानसिंह' (आलेख)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top