⌛⏳ निष्कर्ष ⏳⌛
जिंदगी में जितना कुछ हुआ
सब सबक बन गया–
नदी को सागर ....
चिड़िया को तिनका...
सूखे दरख़्त को नए पत्ते...
उदासी को हंसी मिल गई..!
हर चेहरा एक निष्कर्ष है
अपने अब तक के जिए गए अतीत का।
नौशीन अफशा
एम.ए., बीएड., हिंदी
दिल्ली
ये भी पढ़ें;
Dr. Mulla Adam Ali — हिंदी साहित्य का विशाल मंच — यह एक समर्पित साहित्यिक मंच है, जहाँ हिंदी भाषा और साहित्य को भावपूर्ण कविताओं, प्रेरक कहानियों, बाल साहित्य, समीक्षात्मक लेखों, विचारोत्तेजक चर्चाओं और यूजीसी नेट (हिंदी) जैसे शैक्षणिक विषयों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाता है। यह ब्लॉग साहित्य, शिक्षा और प्रेरणा के संगम पर खड़ा एक ऐसा मंच है, जो पाठकों, लेखकों, विद्यार्थियों और साहित्यप्रेमियों को हिंदी साहित्य को समझने, अनुभव करने और साझा करने का सशक्त अवसर प्रदान करता है।
If you like our educational and literary work, please support us with your valuable donation.
Donate Now