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अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस 2022 : जानिए कब और क्यों मनाया जाता है विश्व अहिंसा दिवस

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस 2022 : जानिए कब और क्यों मनाया जाता है विश्व अहिंसा दिवस

International Day of Non-Violence 2022 : अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस 2022 - जानिए कब और क्यों मनाया जाता है विश्व अहिंसा दिवस :

संयुक्त राष्ट्र संघ (United Nations Organisation - UNO) द्वारा हर वर्ष 2 अक्टूबर को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस (International Day of Non-Violence) मनाया जाता है।

क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस : अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस इसलिए मनाया जाता है कि इसी दिन भारत के राष्ट्रपिता, अहिंसा के पुजारी, पूरे विश्व को सत्य और अहिंसा की नीति से प्रभावित करने वाले महात्मा गांधी जी का जन्मदिन (Mahatma Gandhi Birth Anniversary) है। महात्मा गांधी जी के स्मृति में विश्व अहिंसा दिवस मनाया जात है। अहिंसा और सद्भाव को सारे विश्व में फैलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ ने गांधीजी के जन्मदिन को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया।

विश्व अहिंसा दिवस का इतिहास : 15 जून, 2007 के संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा प्रस्ताव A/RES/61/271 के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव रखा। संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा (United Nations General Assembly) प्रस्ताव से पूरे विश्व में विश्व अहिंसा दिवस मनाया जाने लगा। महासभा द्वारा 15 जून, 2007 प्रताव में कहा गया कि- “शिक्षा (education) के माध्यम से जनता के बीच अहिंसा (non -violence) का व्यापक प्रसार किया जाएगा।” संकल्प में यह भी कहा गया कि “अहिंसा (non-violence) के सिद्धांत की सार्वभौमिक प्रासंगिकता एवं शांति (peace), सहिष्णुता तथा संस्कृति को अहिंसा द्वारा सुरक्षित रखा जाए।” इस दिवस का उद्देश्य यह है कि सारी दुनिया शांति और अहिंसा का आचरण करें।

अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस का महत्त्व : विश्वभर में अहिंसा का संदेश देने के लिए विश्व अहिंसा दिवस मनाया जात जाता है। इस दिन राष्ट्रपिता, अहिंसा के पुजारी, पूरे विश्व को सत्य और अहिंसा की नीति से प्रभावित करने वाले महात्मा गांधी जी का जन्मदिन है। इसलिए हर साल 2 अक्टूबर को विश्व अहिंसा दिवस मनाने का फैसला संयुक्त राष्ट्र संघ ने लिया।

गांधीजी की विचारधारा : गांधीजी व्यावहारिक आदर्शवाद को जोर देने वाले हैं। गांधीजी विचारधारा को अनेक स्त्रोतों से संग्रह किया था जैसे - भगवद्गीता, बाइबिल, जैन धर्म, गोखले और टॉलस्टॉय, जॉन रस्किन से विकसित विचारधार है।

गांधीजी हमेशा अहिंसा मार्ग पर चलते थे। अहिंसा परमो धर्म की सीख हमें महात्मा गांधी जी से ही मिलती है। आजीवन सत्य और अहिंसा का पालन करने वाले व्यक्ति के रूप में बापू जी जाने जाते हैं।

देश को आजाद कराने में गांधीजी का योगदान अविस्मरणीय है। अहिंसा के चलते बापू ने अनेक आंदोलन कर अंग्रेजी सरकार से शांति और अहिंसा से स्वतंत्रता प्राप्त किया। सत्य, अहिंसा का राह दुनिया को दिखाया इसलिए उनके जन्मदिन को इंटरनेशनल डे ऑफ नॉन वायलेंस के रूप में मनाते है।

International Day of Non-Violence 2022: Vishw Ahimsa Diwas 2022 - Know when and why World Non-Violence Day is celebrated:

International Day of Non-Violence is celebrated every year on 2 October by the United Nations Organization (UNO).

Why is International Non-Violence Day celebrated: International Day of Non-Violence is celebrated because on this day is the birthday of Gandhiji, the father of the nation, the priest of non-violence, who influenced the whole world with the policy of truth and non-violence. . World Non-Violence Day is celebrated in the memory of  Gandhi. In order to spread non-violence and harmony all over the world, the United Nations decided to celebrate Mahatma Gandhi's birthday as International Day of Non-Violence.

History of World Day of Nonviolence: The United Nations General Assembly resolution A/RES/61/271 of June 15, 2007, proposed to celebrate International Day of Nonviolence. With the resolution of the United Nations General Assembly, World Day of Non-Violence began to be celebrated all over the world. It was said by the General Assembly on June 15, 2007 that- "Non-violence will be widely spread among the masses through education." The resolution also said that "the universal relevance of the principle of non-violence and peace, tolerance and culture should be protected by non-violence." The purpose of this day is that the whole world should practice peace and non-violence.

Importance of International Day of Non-Violence: World Non-Violence Day is celebrated to give the message of non-violence all over the world. This day is the birthday of Mahatma Gandhi, the father of the nation, the priest of non-violence, who influenced the whole world with the policy of truth and non-violence. Therefore, the United Nations took the decision to celebrate World Non-Violence Day on 2 October every year.

Gandhiji's Ideology: Gandhiji is an advocate of practical idealism. Gandhiji's ideology was collected from many sources such as - Bhagavad Gita, Bible, Jainism, Gokhale and Tolstoy, the ideology developed from John Ruskin.

Gandhiji always followed the path of non-violence. We get the lesson of Ahimso Paramo Dharma. Bapu ji is known as a lifelong follower of truth and non-violence.

The contribution of Gandhiji in liberating the country is unforgettable. Due to non-violence, Bapu got freedom from the British government by doing many agitations and by non-violence. Showed the path of truth, non-violence to the world, hence his birthday is celebrated as International Day of Non Violence.

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