दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी : 21वीं सदी में श्रीमद्भागवत गीता की प्रासंगिकता

Dr. Mulla Adam Ali
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Two Days International Seminar on "Relevance of Shrimad Bhagwat Gita in 21st Century"

Two Days International Seminar on "Relevance of Shrimad Bhagwat Gita

हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी, शिमला व वि.वि. मण्डल संचालित कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, अक्कलकुवा, महाराष्ट्र के संयुक्त तत्वावधान में द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सम्मान समारोह

दिनांक : 11/12 फरवरी 2023 को

"21वीं सदी में श्रीमद्भागवत गीता की प्रासंगिकता" विषय पर आयोजित किया जा रहा हैं

कार्यक्रम संयोजक 

सुदर्शन वशिष्ठ

वरिष्ठ साहित्यकार एवं पूर्व उपाध्यक

हिमाचल कला संस्कृति भाषा अकादमी शिम

Mo-9418085595

डॉ. मोनिका देवी

उपान्यासकार / संपादक

मानद सदस्य हिंदी कल्च सेंटर

टोक्यो, जापान Mo-8074544946

स्थान : गेयटी थिएटर शिमला


विषय : “21वी सदी में श्रीमद्भागवत गीता की प्रासंगिकता" (Relevance of Shrimad Bhagwat Gita in 21st Century)

उप-विषय :

1. गीता के कर्मयोग की वर्तमान जीवन मे प्रासंगिकता

2. वर्तमान जीवन और श्रीमद्भगवतगीता का रहस्य

3. 21वी सदी में श्रीमद्भगवतगीता की उपयोगिता

4. युवा पीढ़ी और श्रीमद्भगवतगीता

5. प्राचीन युग मे पशु प्रेम व रीति रिवाज

6. विश्व की विभिन्न भाषाओं में भगवत गीता के संदर्भ

7. भगवतगीता में श्री कृष्ण का स्वरूप

8. आधुनिक परिपेक्ष में भगवतगीता की प्रासंगिकता

9. वर्तमान संदर्भ में गीता की परिकल्पना और राजनीति

10. श्रीमदभगवत गीता में श्री कृष्ण के उपदेश और सामाजिक चेतना

11. हिंदी साहित्य में श्रीमद्भगवद्गीता और पर्यावरण चेतना

12. भारतीय जीवन दर्शन में श्रीमद्भगवद्गीता का प्रभाव

13. भारत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत श्रीमद्भगवद्गीता

 14. जीवन आधार गीता की वास्तविकता

15. श्रीमद्भगवतगीता में प्रेम निरूपण का यथार्थ वर्णन

16. गीता सार से आर्थिक समस्या का निवारण

17. वृद्धावस्था का आधार गीता सार

18. श्रीमद्भगवतगीता की बाल मन पर अमिट छाप

19. श्रीमद्भगवतगीता के माध्यम से नारी विमर्श

20. प्रवासी साहित्य में श्रीमद्भगवतगीता का महत्व

21. सिनेमा और श्रीमद्भगवतगीता

उपरोक्त दिए गए विषयों को आधार बनाकर यूनीकोड फॉन्ट में शोध आलेख, संदर्भ सूची सहित भेजना अनिवार्य होगा। बिना सन्दर्भ सूची के आलेख मान्य नही होगा। आलेख में लेखक का नाम, पद, पता, मोबाइल नम्बर लिखा हुआ होगा तभी आलेख ग्रन्थ स्वीकार किया जाएगा। आधा अधूरा आलेख अस्वीकार होगा। उसके लिए चयन समिति की जिम्मेदारी नही होगी। आलेख भेजने की अंतिम तिथि 15/11/2022 है। आलेख कम से कम 1500 शब्दों से कम ना हो |आलेख shimlageetamahotsav@gmail.com पर भेजना है।


सम्मान :

1. चाणक्य सम्मान्य (अध्यापकों के लिए)

2. कालिदास सम्मान (साहित्यकारों के लिए)

3. महादेवी वर्मा सम्मान (काव्य में पुस्तक के लिए)

4. सूर्यकांत त्रिपाठी सम्मान ( संपादित काव्य एकाव्य संग्रह पुस्तक के लिए)

5. सुमित्रानंदन पंत सम्मान (आलोचनात्मक / मौलिक पुस्तक के लिए)

6. युवा शोध सम्मान (केवल शोधार्थीयों के लिए)

प्रपत्र वाचन :

डॉ. एम गोविन्दराज

डॉ. राजेन्द्र काशीनाथ जाधव

डॉ. जयंतीलाल

शेक अफरोज़

डॉ सीमा राठोर

वीनू

सुनील चौधरी

आयोजन समिति सदस्य :

1. हंस प्रकाशन, दिल्ली

2. डॉ. वीणा अरोड़ा चंडीगढ़

3. प्रा. डाने कायी,अरुणाचल

4. चौधरी गजेंद्र सिंह दहिया, हरियाणा

5. डॉ. एम. गोविंदराज, केरल

6. ललित कुमार ठाकुर, छत्तीसगढ़

7. शैक अफरोज, हैदराबाद

8. डॉ धर्मेंद्र सिंह मीणा, राजस्थान

9. डॉ ललित वघेल, सहारनपुर उत्तर प्रदेश 

10. डॉ तेजप्रकाश उत्तराखंड

11. श्रीमती पूजा यादव, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

12. मोना केवट, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

13. डॉ वेदप्रकाश पाण्डेय, सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश

संगोष्ठी शुल्क

अध्यापक -3500

शोधार्थी व अन्य-2500

Online Payment

BANK NAME-AXIS BANK AC NO-92210045128969 IFSC- UTIB0002519

Phone Pay Google Pay 8074544946


संपर्क सूत्र

राहुल कुमार - 8445233900

डॉ अलका यादव - 8319966015

प्रा. डॉ. महेश वसंतराव गांगुर्डे : 9422895220

डॉ अमिता एल टंडेल : 9978297073

नोट- संगोष्ठी में शॉल, ID, बेग, श्रीमदभगवत गीता, मेडल इत्यादि दिया जायेगा। संगोष्ठी में दो दिन दोपहर के भोजन की व्यवस्था समिति की ओर से की जायेगी।

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