मातृ दिवस पर कविता : माँ का आंचल - MATRU DIWAS PAR KAVITA

Dr. Mulla Adam Ali
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मातृ दिवस पर कविता : माँ का आंचल - MATRU DIWAS PAR KAVITA

कविता कोश में 12 मई, 2024 अंतरराष्ट्रीय मातृ दिवस पर निधि मानसिंह की बेहतरीन कविता "माँ का आंचल", पढ़े और शेयर करें।

माँ का आंचल

निश्छल प्रेम छलके आंखो मे

सुंदर सलोनी तेरी सूरत।

प्यार भरा तेरा आंचल मां

तू ममता की प्यारी मूरत।


धरती पर भेजा जो ईश्वर ने

तू वो अनमोल वरदान है।

तुझसे ही जीवन हम सबका

बिन तेरे सब वीरान है।


तुमसे ही ये दुनिया चलती

है स्वर्ग तेरे पैरों तले।

तुम ही जीवन का आधार

तुझमे ही करूणा, प्यार पले।


मां भी तुम्ही, दोस्त भी तुम्ही

हर कमी को पूरा करती हो।

दुख आये जब जीवन मे मेरे

तुम आंचल मे भरती हो।


कितना भी दुख हो तुझको मां

हर दुख में तू मुस्काती है।

त्याग, ममता, धैर्य की देवी तू

तभी तो मां कहलाती है।

- निधि 'मानसिंह'

कैथल, हरियाणा

मातृत्व दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

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