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World Theatre Day 2022: जानिए क्यों मनाया जाता है विश्व रंगमंच दिवस? वर्ल्ड थिएटर डे मनाने का उद्देश्य, महत्व और इतिहास


World Theatre Day 2022: जानिए 27 मार्च को क्यों मनाया जाता है विश्व रंगमंच दिवस? वर्ल्ड थिएटर डे मनाने का उद्देश्य और महत्व

हर साल 27 मार्च के दिन दुनियाभर में विश्व रंगमंच दिवस (World Theatre Day) का आयोजन किया जाता है। सबसे पहले साल 1961 में अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (International Theatre Institute) ने इस दिन की नींव रखी थी। इस दिन दुनिया के कई देशों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रंगमंच या थियेटर से जुड़े हुए लोग (artists) कई समारोह का आयोजन करते हुए मानते हैं।

वर्ल्ड थिएटर डे (World Theatre Day) के बारे में
नाम : विश्व रंगमंच दिवस 
तारीख़ : 27 मार्च
स्थापना वर्ष : 1961 में (इंटरनेशनल थियेटर इंस्टीट्यूट ITI द्वारा)
पहली बार : 27 मार्च 1962
उद्देश्य : थिएटर कला के महत्व को बढ़ाना

World Theatre Day 2022: मनोरंजन के दृष्टिकोण से विश्व रंगमंच दिवस अपना खास स्थान रखता है। हर साल 27 मार्च के दिन विश्व रंगमंच दिवस (World Theatre Day) का आयोजन किया जाता है। पूरे विश्व में रंगमंच को अपनी अलग पहचान दिलाने के लिए साल 1961 में अंतरराष्ट्रीय रंगमंच संस्थान (ITI) ने इस दिन की नींव रखी थी। इस दिन दुनिया के कई देशों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रंगमंच या थियेटर से जुड़े हुए लोग (artists) कई समारोह का आयोजन करते हैं।

 रंगमंच या थियेटर के प्रति जागरुकता के लिए:

रंगमंच या थियेटर ही लोगों के लिए सिनेमा जगत के मनोरंजन (Entertainment) के क्षेत्र में आधिपत्य जमाने के लिए पहले एकमात्र मनोरंजन का साधन था। वहीं सिनेमा के साथ ही थियेटर के प्रति लोगों में जागरुकता और रूची पैदा करने के लिए प्रति वर्ष विश्व रंगमंच दिवस (World Theatre Day) का आयोजन किया जाता है।

विश्व रंगमंच दिवस (World Theatre Day) का इतिहास:

 इंटरनेशनल थिएटर इंस्टिट्यूट (International Theatre Institute) ने साल 1961 में विश्व रंगमंच दिवस को मनाए जाने की शुरुआत की थी। इसके लिए हर साल International Theatre Institute (ITI) की ओर से एक Confrence का आयोजन किया जाता है। जिसमें दुनियाभर से एक रंगमंच के कलाकार का चयन किया जाता है, जो विश्व रंगमंच दिवस (World Theatre Day) के दिन एक खास संदेश को सबके सामने रखता है। इस संदेश को लगभग पचास भाषाओं में अनुवाद (Translate) करके दुनियाभर के अखबारों में छापा जाता है।

 भारत में रंगमंच को पसंद करने वाले लोग प्रति वर्ष देश के कई शहरों में नाटकों का मंचन करते हैं। नाटक का मंचन आज के दिन भी कई नगरों में समाज की समाजिक बुराइयाँ को सामने लाने के लिए किया जाता है। इसमें आज भी कई कॉलेज-विश्व विद्यालय के छात्र सामाजिक मुद्दों या बुराइयों पर नुक्कड़ नाटक का मंचन करते रहते हैं।

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