नई पुस्तक: सामाजिक एवं पारिवारिक रिश्तों पर आधारित पुस्तक - सफर रिश्तों का

Dr. Mulla Adam Ali
0

पुस्तक का नाम :
सफर रिश्तों का (Safar Risteon Ka)

लेखक : प्रहलाद नारायण माथुर, (PRAHLAD NARAYAN MATHUR) अजमेर

संपर्क : pnmathur15@gmail.com

अमेजन लिंक : (click here👇)
 https://www.amazon.in/dp/164324342X/ref=cm_sw_r_awdo_752DD98S77DD3VX55HG4

Kindle Edition : ₹ 63

Paperback : ₹ 125

"सफर रिश्तों का" एक सामाजिक एवं पारिवारिक रिश्तों पर आधारित पुस्तक है। यह आम आदमी के जीवन की कहानी लगती है।लेखक ने विभिन्न कविताओं के माध्यम से आज के भारतीय समाज में माता-पिता और बच्चों के बीच संबंधों में गिरावट का बहुत ही मार्मिक और हृदयस्पर्शी वर्णन किया है। "इंसानियत श्रमसार हो गई" में वृद्ध माता-पिता के दुख का भावपूर्ण वर्णन किया है। "मृत्यु बोध" एक बहुत ही भावपूर्ण कविता है जिसमें यह वर्णन किया गया है कि मृत्यु के बाद रिश्तेदार आपके दिल से कैसे जुड़ते हैं। पुस्तक सभी उम्र के लोगों के पढ़ने योग्य है और उन्हें अवश्य पढ़ना चाहिए। यह पुस्तक सामाजिक मूल्यों को बढ़ाने और माता-पिता और बच्चों के बीच घनिष्ठ संबंधों के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

ये भी पढ़ें;

मुक्तकों से सजा एक प्रबंधकाव्य: सुरबाला

नई पुस्तक : अशोक श्रीवास्तव 'कुमुद' की सुरबाला

संवेदना की लय पर जिंदगी का गद्य - खिड़कियों से झाँकती आँखें

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top