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आदित्य रहबर की पंक्तियां : तुम सुंदर ही नहीं हो बहुत सुंदर हो - Bhagya Shree

आदित्य रहबर की पंक्तियां : तुम सुंदर ही नहीं हो बहुत सुंदर हो - Bhagya Shree - सभी बेबाक महिलाओं को समर्पित

Aditya Rahbar की पंक्तियाँ.... सभी बेबाक महिलाओं को समर्पित...  प्रस्तुति : भाग्य श्री (Bhagya Shree), हैदरनगर, झारखंड।


तुम सुंदर ही नहीं हो 

बहुत सुंदर हो 

तुम जब भी किसानों की बात करती हो 

भ्रष्ट सिस्टम की बात करती हो 

परिवर्तन की बात करती हो 

और ज्यादा सुंदर लगने लगती हो 


तुम्हारी सुंदरता इसलिए नहीं है 

कि तुम चेहरे से सुंदर हो बल्कि 

तुम्हारी बेबाकी,तुम्हारा अल्हड़पन 

तुम्हारा आजाद ख्याल,तुम्हारा मन

तुम्हारी इच्छा सुंदर है 


तुम जब बेड़ियों से मुक्त समाज की खातिर लड़ती हो 

नव भारत की कल्पना करती हो 

तो तुममें सावित्री बाई फुले,शांति और सुनिती की परछाई दिखती है 

जो तुम्हारी सुंदरता में गुणात्मक वृद्धि कर देती है 


सबसे बड़ी बात 

तुम मुझे इसलिए भी सुंदर लगती हो 

क्योंकि__

तुममें एक क्रांति का ओज दिखता है 

और क्रांतिकारी लोग मुझे बेहद पसंद है।


- आदित्य रहबर

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