छूटा छक्का : सूर्यकुमार पांडेय की मजेदार बाल कविता | हास्य और क्रिकेट का अनोखा संगम

Dr. Mulla Adam Ali
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“Chhuta Chhakka” by Suryakumar Pandey is a delightful Hindi children’s poem filled with humor, rhythm, and cricketing fun. With playful rhymes and a funny character, the poem offers children an entertaining reading experience.

Chhuta Chhakka by Suryakumar Pandey | Funny Hindi Children’s Poem on Cricket

क्रिकेट पर मजेदार हिंदी बाल कविता छूटा छक्का

सूर्यकुमार पांडेय की यह बाल कविता ‘छूटा छक्का’ हास्य, लय और शब्दों की चंचलता से भरपूर है। क्रिकेट के रोमांच को कक्का के मजेदार अंदाज़ के साथ प्रस्तुत करती यह कविता बच्चों को सहज ही गुदगुदाती है। ‘धक्कम-धक्का’, ‘हक्का-बक्का’ और ‘छक्का-चौका’ जैसे तुकांत शब्द कविता को खास तौर पर रोचक बनाते हैं।

क्रिकेट पर मजेदार कविता | सूर्यकुमार पांडेय

छूटा छक्का


भीड़-भड़क्का

धक्कम-धक्का,

क्रिकेट खेलने

पहुँचे कक्का।


छक्का-चौका

चौका-छक्का,

हुए बेचारे

हक्का-बक्का।


पीकर मट्ठा

खाकर मक्का,

‘मैं खेलूँगा’

-बोले कक्का।


जैसे एक

खिलाड़ी पक्का,

चले अकड़ते

ऐसे कक्का।


गेंद लगी

हो गए मुनक्का,

चौका भूले

छूटा छक्का!


- सूर्यकुमार पांडेय

निष्कर्ष: "धर्मयुग" : 14 अक्टूबर, 1979: पृष्ठ- 54 प्रकाशित कविता ‘छूटा छक्का’ हास्य और चुटीली भाषा से भरपूर मनोरंजक बाल कविता है। कक्का के क्रिकेट-प्रेम और उनकी मजेदार स्थिति के माध्यम से कविता बच्चों को हँसाती भी है और अपनी लयात्मकता से बाँधे भी रखती है।

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