बाल गीत एवं कविता : ऊंची रहे उड़ान | Bal Kavita In Hindi

Dr. Mulla Adam Ali
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Children's Poem : Unchi Rahe Udaan Hindi Bal Kavita

Unchi Rahe Udaan Hindi Bal Kavita

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Inspirational Poem in Hindi

ऊंची रहे उड़ान


भोली-भाली सूरत मेरी

पर मम्मी कहती शैतान।

थोड़ी सी भी करूं शरारत

तो मम्मी की डांट पड़े।


कैसे सहे भला नन्हा दिल

मम्मी के आदेश कड़े।

कुछ गलती हो जाए तो

वह फौरन खींचें मेरे कान।


बोलो कम तुम पढ़ो ज्यादा

जब-तब यह फरमान सुनूं।

ऐसी उलझन में आखिर मैं

कैसे प्यारे ख्वाब बुनूं।


कभी न कोई मुझसे पूछे

क्या मेरे दिल के अरमान।

मैं चाहूं ऐसा घर जिसमें

डांट-डपट का काम न हो।


खेलकूद की आजादी हो

रोकटोक का नाम न हो।

पंख भले हैं नन्हे नन्हे

लेकिन ऊंची रहे उड़ान।

डॉ. फहीम अहमद
असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी, एमजीएम कॉलेज, 
संभल, उत्तर प्रदेश

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