सेल्फी पर एक कविता : एक सेल्फी लें उनके संग - जिनकी दुनिया है बेरंग

Dr. Mulla Adam Ali
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Selfi Par Ek Kavita : Hindi Kavita Ek Selfi

Hindi Kavita Ek Selfi

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Ek Selfi Hindi Kavita

एक सेल्फी


एक सेल्फी लें उनके संग

जिनकी दुनिया है बेरंग।


दिखते हैं जो बच्चे बेघर

रूठ गई जिनसे तकदीर।

चलो बसा लें अपने दिल में

उनकी प्यारी सी तस्वीर।


उनके लिए संजोएँ कुछ पल

जिनका जीवन कटी पतंग।


चौका बरतन झाड़ू-पोंछा

दिनभर कर जो भरती पेट।

उस नन्ही बच्ची की खातिर

क्या हो सकती सुन्दर भेंट।


मुरझाए मुखड़े पर छाए

खिलखिल करती हुई उमंग।


खींच रहे जो रिक्शे -ठेले

कभी न थकते जिनके पाँव।

जीवन की इस कड़ी धूप में

बाँटें उनको कोमल छाँव।


महज सेल्फी इसे न जानो

जी लो जीवन इनके संग।

- डॉ. फहीम अहमद

असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी, एमजीएम कॉलेज, 

संभल, उत्तर प्रदेश

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