International Yoga Day is celebrated every year on 21 June to spread awareness about the benefits of yoga for physical, mental, and emotional well-being. Yoga helps improve health, concentration, and inner peace. This beautiful poem by Madhu Maheshwari highlights the importance of yoga and inspires everyone to make it a part of daily life.
International Yoga Day Poem
हर वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस (International Yoga Day) मनाया जाता है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। नियमित योगाभ्यास से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनता है। प्रस्तुत है प्रसिद्ध कवयित्री मधु माहेश्वरी की सुंदर कविता "योग दिवस", जो बच्चों और बड़ों को योग के महत्व से परिचित कराती है तथा दैनिक जीवन में योग अपनाने की प्रेरणा देती है।
21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रेरणादायक कविता
योग दिवस
इक्कीस जून का दिन आया,
योगासन की महिमा जानो।
आओ प्यारे साथी आओ,
योग क्रियाओं को पहचानो।।
रामू- श्यामू टीना-मोना,
जल्दी से तुम दौड़े आओ,
चटाई अपनी संग लाकर,
ऑंगन बिछा आसन लगाओ।।
गहरी लम्बी सांस खींचकर,
धीरे-धीरे बाहर छोड़ो।
कमर सीधी कर बैठ अपनी,
गर्दन आगे पीछे मोड़ो।।
प्राणायाम-योगासन संग,
थोड़ा व्यायाम सभी कर लें।
कपालभाती, भष्स्त्रिका के,
संग अनुलोम-विलोम कर लें।।
योग से बने सेहत अपनी,
भरपूर ताकत हमें मिलती।
हष्ट-पुष्ट जब शरीर होता,
जीवन की बांछे खिलती।।
योग गुरु रामदेव हमारे,
करतब नित्य नए बतलाते।
औषधीय नुस्खे बढ़िया से,
सारी दुनिया को सिखलाते।।
योग दिवस प्रतिदिन बन जाए,
संकल्प ऐसा सभी धर लें।
लाभ योग के सब तक पहुॅंचे,
ऐसा नेक कर्म हम कर लें।।
- मधु माहेश्वरी
सलूंबर (राजस्थान)
निष्कर्ष; अंतरराष्ट्रीय योग दिवस हमें योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखकर जीवन का नियमित हिस्सा बनाने की प्रेरणा देता है। योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और सकारात्मक जीवन का आधार है। आइए, हम सभी योग को अपनाकर स्वस्थ एवं खुशहाल समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।
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