सुनो कहानी कविता : मनोज जैन की बाल कविता | पाठ, परिचय और संदेश

Dr. Mulla Adam Ali
0

"Suno Kahani" is a delightful children's poem by Manoj Jain. Written in simple, rhythmic language, it combines number learning with a meaningful message about nature, tree plantation, and environmental care, making it both enjoyable and educational for young readers.

Suno Kahani Poem by Manoj Jain | Hindi Children's Poem with Environmental Message

संख्या ज्ञान, प्रकृति प्रेम पर विशेष कविता सुनो कहानी

बाल कविता तभी सार्थक बनती है, जब वह बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाने के साथ उनके मन में कोई सुंदर संस्कार भी अंकित कर दे। मनोज जैन 'मधुर' की "सुनो कहानी" ऐसी ही एक सरस और लयात्मक कविता है, जिसमें संख्याओं के रोचक प्रयोग के साथ प्रकृति, पेड़-पौधों और पर्यावरण संरक्षण का सहज संदेश निहित है। आइए, इस मनोरम बाल कविता का आनंद लें।

संख्या ज्ञान, प्रकृति प्रेम और पर्यावरण संरक्षण पर सुंदर कविता

सुनो कहानी 


एक महल में, थे दो राजा,

और तीन थी रानी।

सुनो कहानी।


पौधे चार, पाँच-छह लाते,

मिलकर पेड़ लगाते।

जल-जंगल की बातें करते,

दिनभर गाने गाते।


सात-आठ दिन सब पेड़ों को,

देते रहते पानी।

सुनो कहानी।


नौ-दस माह बाद फिर आए,

पेड़ों को सहलाया।

फूल, पत्तियाँ, टहनी, डालें, 

देखीं मन मुस्काया।


उनके साथ चला करती थी,

काली कुतिया कानी।

सुनो कहानी।


- मनोज जैन 'मधुर'

निष्कर्ष; यह कविता मनोरंजन के साथ बच्चों को प्रकृति-प्रेम, पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक प्रयास का संदेश देती है। अपनी सरल भाषा, मधुर लय और शिक्षाप्रद भाव के कारण यह बाल साहित्य की एक प्रभावी और प्रेरणादायक रचना है।

ये भी पढ़ें; बालगीत : बच्चों तुमको राज बता दूँ

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top