“Ye Naya Bharat” by Narendra Singh ‘Nihar’ is an inspiring patriotic poem that celebrates India’s unity, progress, strength, and bright future. The poem reflects a strong spirit of nationalism and hope for a prosperous New India.
Ye Naya Bharat Poem by Narendra Singh Nihar | Inspirational Patriotic Poem on New India
देशभक्ति, एकता और प्रगति पर प्रेरणादायक कविता
राष्ट्रप्रेम, आत्मविश्वास और नए भारत के सपनों को स्वर देती नरेन्द्र सिंह ‘नीहार’ की कविता ‘ये नया भारत’ देश की बदलती तस्वीर और उज्ज्वल भविष्य की आकांक्षा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है। कविता में भारत की दृढ़ता, एकता, प्रगति और आत्मनिर्भरता का उत्साहपूर्ण स्वर सुनाई देता है। प्रस्तुत कविता पाठकों में देश के प्रति प्रेम और राष्ट्र निर्माण की सकारात्मक भावना जगाती है।
नरेन्द्र सिंह ‘नीहार’ की प्रेरणादायक देशभक्ति कविता
ये नया भारत
ये नया भारत है, ये नया भारत।
करता कमाल हर दिन, रचता नई इबारत।
दुनिया के शाह जितने,
बनते रहे सिकन्दर।
ऐंठन मरोड़ी उनकी,
बना दिया कलन्दर।
मुंह छुपाए फिरते, मुश्किल में है वजारत।
ये नया भारत है............
बंटते रहे सदा से,
अब और ना बटेंगे।
मां भारती के बेटे,
मैदां में हम डटेंगे।
हमको है देश प्यारा, जोड़ेगी ये महारत।
ये नया भारत है.......
हर दौड़ में हों आगे,
पूरे करेंगे सपने,
होगा न कोई भूखा,
खनकेंगी सारी फसलें।
बालक जवान बूढ़े, सबकी यही इबादत।
ये नया भारत है, ये नया भारत।
- नरेन्द्र सिंह 'नीहार'
नई दिल्ली
निष्कर्ष; ‘ये नया भारत’ आशा, आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत कविता है। नरेन्द्र सिंह ‘नीहार’ ने इसके माध्यम से एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट भारत का स्वप्न सामने रखा है। कविता की यही सकारात्मक ऊर्जा इसे पाठकों के लिए प्रेरणादायी बनाती है।
ये भी पढ़ें; प्रतिनिधि बाल कविता: देश बनाएँ


