Pyaara Bachapan Mastaana Bachapan: प्यारा बचपन, मस्ताना बचपन

Dr. Mulla Adam Ali
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प्यारा बचपन, मस्ताना बचपन: निधि 'मानसिंह' - Bachpan


प्यारा बचपन, मस्ताना बचपन

pyaara bachapan , mastaana bachapan

चाहत चांद को छूने की थी

chaahat chaand ko chhoone kee thee

पर मन तितली पे दीवाना था।

par man titalee pe deevaana tha.

सुबह का पता ना होता था,

subah ka pata na hota tha,

शाम का ना ठिकाना था।

shaam ka na thikaana tha.


सावन में कागज की कश्ती थी

saavan mein kaagaj kee kashtee thee

हर एक मौसम मस्ताना था।

har ek mausam mastaana tha.

बिना वजह के रोते थे,

bina vajah ke rote the,

बिना वजह के हंसना, गुदगुदाना था

bina vajah ke hansana, gudagudaana tha


बड़े होकर क्या पाया हमने?

bade hokar kya paaya hamane?

वो नटखट बचपन कितना मस्ताना था?

vo natakhat bachapan kitana mastaana tha?

निधि 'मानसिंह'

कैथल, हरियाणा

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