International Women Day 2024: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का महत्व, उद्देश्य इतिहास और थीम

Dr. Mulla Adam Ali
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महिला दिवस की कब हुई शुरुआत?

हर साल 8 मार्च को दुनियाभर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) मनाया जाता है। महिलाओं की आर्थिक, राजनीतिक, सामाजिक सहित विभिन्न क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने और अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। इसके साथ ही इस दिवस को मनाने के पीछे एक कारण अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं के प्रति सम्मान प्रकट करना भी है।

प्रति वर्ष 8 मार्च को क्यों मनाया जाता है अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस?

इस दिवस को 28 फरवरी 1909 सबसे पहले अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आह्वान पर मनाया गया है। सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन सम्मेलन में ने बाद में 1910 में इसे अन्तर्राष्ट्रीय दर्जा दिया गया। उस समय इसका मकसद महिलाओं को वोट (vote) देने का अधिकार दिलाना था। क्योंकि तब ज्यादातर देशों में महिला को वोट देने का अधिकार नहीं था। सोवियत संघ ने  इसके बाद 1917 में इस दिन को एक राष्ट्रीय अवकाश के तौर घोषित किया था। धीरे-धीरे इस दिवस को मनाने की परंपरा विश्व के दूसरे देशों में भी फैल गई।

महिला दिवस का उद्देश्य और महत्व:

8 मार्च को महिला दिवस मनाने के पीछे कारण:

ब्रेड एंड पीस की मांग को लेकर 1917 में रूस की महिलाओं ने  हड़ताल की। हड़ताल आखिरी रविवार फरवरी को शुरू हुई। यह एक ऐतिहासिक हड़ताल थी और जब रूस के जार ने सत्ता छोड़ी तब वहां की अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट (vote) देने के अधिकार दिया।

रूस में महिलाओं को जिस समय वोट का अधिकार प्राप्त हुआ, उस समय रूस में जुलियन कैलेंडर (Julian calendar) चलन में था और बाकी दुनिया में ग्रेगेरियन कैलेंडर (Gregorian calendar)। इन दोनों की तारीखों में कुछ अंतर है। जुलियन कैलेंडर के मुताबिक 1917 की फरवरी का आखिरी रविवार 23 फरवरी को था जबकि ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार उस दिन 8 मार्च थी। इसीलिए हर साल 8 मार्च महिला दिवस के रूप में मनाया जाने लगा।

वर्ष 1996 में संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) ने इस दिवस को एक प्रत्येक थीम के साथ मनाना शुरू किया। इसके बाद हर साल अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस को अलग थीम के साथ मनाया जाता है.

महिला दिवस 2024 की थीम:

साल 2021 महिला दिवस की थीम 'महिला नेतृत्व: कोविड-19 की दुनिया में एक समान भविष्य को प्राप्त करना' थी। वहीं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2022 की थीम 'जेंडर इक्वालिटी टुडे फॉर ए सस्टेनेबल टुमारो' (Gender equality today for a sustainable tomorrow) यानी 'एक स्थायी कल के लिए आज लैंगिक समानता' है। वहीं महिला दिवस का रंग पर्पल, ग्रीन और सफेद है। पर्पल रंग न्याय और गरिमा का प्रतीक है। हरा रंग उम्मीद और सफेद रंग शुद्धता का प्रतीक है। 2023 महिला दिवस की थीम " 'डिजिटऑल (DigitALL): इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फॉर जेंडर इक्वेलिटी' (डिजिटऑल: लैंगिक समानता के लिए नवाचार और प्रौद्योगिकी)"

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