अशोक श्रीवास्तव कुमुद की कविता : नंदन वन में योग

Dr. Mulla Adam Ali
0

Nanadan Van Me Yog

nanadan van me yog kavita

🧘🧘‍♂️ नंदन वन में योग 🧘🧘‍♂️

लौट शहर से भालू आया

संग योग की विद्या लाया

योग करें अब स्वस्थ रहे सब

भालू ने इक बोर्ड लगाया


बिछा चटाई सभी बुलाया

बैठा आसन ध्यान लगाया

योग सिखा कर नंदन वन को 

भोलू भालू सब मन भाया


खूब बताए योग कायदा

तरह तरह के योग फायदा

योग करोगे स्वस्थ रहोगे 

भोलू सबसे करे वायदा


योग क्रांति जंगल में आया

सबको इसने स्वस्थ बनाया

चीकू खरहा चुनमुन चीतल

गोलू हाथी भी अपनाया


सीखो खुद भी सभी सिखाओ

योग फायदे सभी बताओ

जान सीख कर प्यारे बच्चों 

योग को जीवन में अपनाओ

अशोक श्रीवास्तव कुमुद

अशोक श्रीवास्तव 'कुमुद'

राजरूपपुर, प्रयागराज

ये भी पढ़ें;

बच्चों के लिए रचना : रेलगाड़ी - अशोक श्रीवास्तव कुमुद

तिरंगे झंडे पर कविता : लहर लहर लहराय गगन में, भारत का सम्मान तिरंगा

बच्चों के लिए रचना : प्लेटफार्म पर आयी गाड़ी बच्चों के मन भायी गाड़ी

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top