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Most Controversial Political Books in India : भारतीय राजनीति के सबसे विवादित किताबें


Most Controversial Political Books in India Hindi : भारतीय राजनीति की पोल खोलती किताबें

Most Controversial Political Books in India : इस लेख में हम आपके साथ कुछ ऐसी किताबों का जिक्र करने जा रहे हैं जो भारतीय राजनीति (Indian Politics) की काली सच्चाई से आपको रूबरू कराएगी। यूं तो भारतीय राजनीति पर हजारों किताब देखने को मिलती है, लेकिन इन किताबों में कुछ खास बात है।

खास बात के उच्चारण से आप इतना समझ सकते हैं कि इन किताबों के लेखक विश्वासपात्र या विश्वास करने योग्य हैं। आप सोच रहे होंगे में लेखक और उनकी विश्वसनीयता पर सवाल क्यों उठा रहा हूं? 

  जिस तरह भारतीय मीडिया, कुछ लेखक और कुछ ओछे राजनीतिज्ञों ने जिस प्रकार 26/11 मुंबई हमले को निजी स्वार्थ को सार्थक करने का जरिया बनाते हुए हिंदू आतंकवाद की थ्योरी गढ़ी, उसे देख कर मुझे सिर्फ इतना समझ आया कि यदि आप किसी गलत या झूठी अफवाह का स्रोत जांच नहीं करते हैं, तो आपको आजकल के डिजिटल युग में मूर्ख और गुमराह करना आसान हो जाता है।

हम वापस मुद्दे की बात करते हैं और आपको बताते हैं उन भारतीय राजनीति से किताबों के बारे में जो भारत के कुछ कथित दूरदर्शी राजनेताओं के चेहरे से नकाब उतारने काम करती हैं। यदि आप प्रज्ञात्मक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं तो यह किताबें आपको जरूर पढ़नी चाहिए।

Most Controversial Political Books in India

दिल्ली दंगों की अनसुनी कहानी : Delhi Riots 2020: The Untold Story

मोनिका अरोड़ा द्वारा लिखित Delhi Riots 2020: The Untold Story इस वर्ष की सबसे चर्चित और विवादित किताब है। जब पहली बार यह किताब मार्केट में आई तो कुछ विशेष समुदाय और उनके हिमायती राजनेताओं के सीने में दर्द हो उठा। इस किताब को प्रतिबंधित करने का प्रयास किया गया लेकिन यह मुमकिन नहीं हो पाया।

अगर इस किताब के विषय की बात करें तो इस किताब के नाम से साफ जाहिर होता है कि यह किताब दिल्ली दंगों से संबंधित राजनीतिक गठजोड़ की पोल खोलती है। इस किताब में आईबी ऑफीसर अंकित शर्मा की हत्या से लेकर कई अनसुनी कहानियां का जिक्र देखने को मिलता है। 

फिलहाल इस किताब की प्री बुकिंग चल रही है और amazon.com के अनुसार यह किताब 5 अक्टूबर 2020 तक मार्केट में आई है।

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 मुझे अभी कहने दो : Let Me Say it Now

मुंबई पुलिस के पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया द्वारा लिखित किताब 'मुझे अभी कहने दो' ने Indian Politician's की पोल खोल कर रख दी है। इस किताब मैं पूर्व कमिश्नर राकेश मारिया ने अपनी पुलिस सर्विस के अनुभवों को साझा किया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें राकेश मारिया वही पुलिस कमिश्नर थे, जिन्होंने मुंबई 26/11 हमले की जांच की थी। 

वह अपनी किताब में हिंदू आतंकवाद की फर्जी साजिश की पोल खोलते दिख रहे हैं। इस किताब को पढ़ने के बाद आपको एक बात समझ आएगी कि राजनेता किसी के सगे नहीं होते। यह लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए राष्ट्र को भी दांव पर लगा सकते हैं। यह किताब आपको कांग्रेस की विचारधारा को समझने में मदद कर सकती है।

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नेताजी रहस्य गाथा : What Happened to_Netaji

भारत का सबसे बड़ा रहस्य नेताजी सुभाष चंद्र बोस रहस्य गाथा एक विस्तृत खोज है इंडियन पॉलिटिक्स के सबसे लंबे अवधी तक चलने वाले विवाद की। दशको से भारतवासी जानना चाहते हैं की आखिर नेताजी को क्या हुआ। क्या नेताजी एक विमान हादसे में मारे गऐ थे, या रूस में उनका अंत हुआ। या फिर सन् 1985 तक वह, गुपचुप गुमनामी बाबा बनकर उत्तर प्रदेश रहे।

लेखक अनुज धर ने इस जटिल गुत्थी को सुलझाने में एक दशक से ज़्यादा समय लगा दिया। नेताजी रहस्य गाथा अनुज धर की अंग्रेजी किताब India's biggest cover-up का हिंदी अनुवाद है। यह उन रहस्यमयी कड़ियों को जोड़ती है जो अब तक सुलझी नहीं रही थी। यह पुस्तक नेताजी की कथित मृत्यु को लेकर अपनाए गए भारत सरकार के षड्यंत्रकारी रवैये की पोल खोलती है। 

इस पुस्तक में देश-विदेश से सभी दुर्लभ जानकारियाँ प्राप्त की गयी हैं, जिसमें कई रहस्यमयी दस्तावेज़ भी शामिल हैं। नेताजी से जुड़े रहस्य को जानने और जवाहर नेहरू से नरेंद्र Modi समय तक के राजनैतिक पहलू को समझने के लिए इस किताब का कोई सानी नहीं है।

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अदभुत भारत : The Wonder That Was India

लंदन में भारतीय मूल के प्रोफेसर Arthur Llewellyn Basham द्वारा लिखित The Wonder That Was India अपने आप में हिन्दू संस्कृति और सभ्यता का बेजोड़ संग्रह है। इस पुस्तक में प्रोफ़ेसर Arthur Llewellyn Basham ने बड़े पैमाने पर शोध और निष्कर्षों के बाद, पुस्तक में आर्यन आक्रमण सिद्धांत के बारे में भी बताया है। इसके अलावा, इस पुस्तक में हिंदू धर्म के विकास के बारे में भी बात की गई है, जिसका हड़प्पा के समय से पालन किया गया है और यहां तक ​​कि उस समय भी जब आर्य भारत पर आक्रमण करते हैं। 

पुस्तक में हिंदू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में कुछ सामान्य मान्यताओं और प्रभावों पर भी प्रकाश डाला गया है। भारत में सभी क्षेत्र एक-दूसरे से प्रभावित हैं, लेकिन यह जैन jain और buddh धर्म था जो मुख्य रूप से भारतीय धर्मों में अहिंसा और शाकाहारी पहलू को लाते थे।

यह पुस्तक उन लोगों के लिए जो भारतीय इतिहास और संस्कृति के बारे में दिलचस्प तथ्य को जानने के लिए उत्साही हैं, किताब में लगभग सभी बाते हैं: प्राचीन आक्रमणों के निशान से लेकर आधुनिक समय के विकास के बारे में पाठक को आनंद लेने और ज्ञान प्राप्त करने के लिए बहुत कुछ है।

Most Controversial Political Books in India

भारत के विभाजन के गुनहगार : Guilty Men of India's Partition

भारतीय राजनेता Ram Manohar Lohia द्वारा लिखित भारत के विभाजन के गुनहगार में राम मनोहर लोहिया ने भारत के पहले प्रधानमंत्री नेहरू, जिन्ना और कई राजनैतिक हस्तियों की काली करतूतों को उजागर किया है। इस किताब में Lohia ने गांधीजी के कई झूटो से पर्दा उठाया है। अगर आप भारत के विभाजन पर हुई गंदी राजनीति को गहराई से समझना चाहते हैं, तो यह किताब आपके लिए लिखी गई है। यह किताब हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में उपलब्ध है।

इस्लाम और आतंकवाद : Islam & Terrorism

Prof. Mark A Gabriel द्वारा लिखी गई पुस्तक "Islam & Terrorism" उस मानसिकता के बारे में बात करती है जिससे आजकल सारी दुनिया त्रस्त है। Prof. Mark ने इस पुस्तक में गहन अध्ययन के बाद इस्लाम के अंधविश्वासी और दकियानूसी पहलुओं का जिक्र करते हुए बताया है कि किस प्रकार एक आम मुसलमान को आतंकवाद का खिलौना मौलानाओं के द्वारा पकड़ा दिया जाता है।

अगर आप इस्लाम की उग्र मानसिकता को समझने के इच्छुक हैं तो यह पुस्तक जरूर पढ़नी चाहिए। इस किताब को पढ़ने के बाद आपको वह मसाला मिल जाएगा।

Most Controversial Political Books in India

पंजाब में सिखों और हिंदुओं पर मुस्लिम लीग का हमला, 1947 : Muslim league attack on Sikhs and Hindus in the Punjab 1947

यह खंड 1947 में लाहौर के सिख नेशनल प्रिंसिपल रहे सरदार गुरबचन सिंह तालिब द्वारा संकलित एक पुरानी पुस्तक की पुनर्प्रकाशित है, और 1950 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति द्वारा प्रकाशित किया गया था। यह उन 7 मिलियन हिंदुओं और सिखों की कहानी को बयां करता है जो West Punjab, southwest सीमावर्ती, सिंध और kashmir के कुछ हिस्सों में अपने घरों से जबरन भगा दिए गए थे।

और समय के दौरान अत्याचार, अपहरण, हत्या, जबरन धर्मांतरण, सिखों  और हिंदुओं को अपने चूल्हे और घरों को छोड़कर 'मानवता का सबसे बड़ा सामूहिक प्रवास' शुरू करने के लिए मजबूर किया गया, जैसा कि लेखक ने वर्णन किया है। सरदार गुरबचन सिंह तालिब एक व्यापक आयाम का भी उल्लेख करते हैं और लीग की राजनीतिक घटनाओं को बड़ी मुस्लिम राजनीति से जोड़ते हैं। मुसलमानों और राजनीतिक गठजोड़ की सच्चाई को सामने रखती यह किताब आपको बहुत कुछ बता जाएगी।

पाकिस्तान अथवा भारत का विभाजन : Pakistan or the Partition of India

डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखित 'पाकिस्तान अथवा भारत का विभाजन' एक ऐसी पुस्तक है जो यह साबित कर देती है कि उस दौर में भी कुछ ऐसे लोग थे जो कड़वा सत्य बोलने से पीछे नहीं हटते थे। इस किताब में Ambedkar ने गांधी से लेकर जवाहर नेहरू, जिन्ना तक सब की दलाली की पोल खोल कर रख दी है। यदि आप विभाजन के हर पहलू को गौर से समझना चाहते हैं तो यह किताब आपको जरूर पढ़नी चाहिए। Dr. B. T. Ambedkar की यह पुस्तक हिन्दी, इंग्लिश और Amazon Kindle पर भी उपलब्ध है।

Most Controversial Political Books in India

आजादी की कहानी संपूर्ण वृतांत : India Wins Freedom Complete Version

  यह किताब भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद द्वारा लिखी गई हैं। इस किताब के दो संस्मरण उपलब्ध है, पहला संस्मरण में मौलाना अबुल कलाम आजाद ने गंगा जमुना तहजीब, भारतीय राजनीति और कई अन्य आदर्श बातों का जिक्र किया है। लेकिन मौलाना अबुल कलाम की मृत्यु के बाद जब इस किताब का पूरा संस्करण मार्केट में आया तो हंगामा खड़ा हो गया, क्योंकि पूरा संस्करण में इस्लामिक मानसिकता, धार्मिक कट्टरता और भारत के विभाजन को उचित सिद्ध करने की कोशिश की जाती है। सूत्रों के अनुसार बताया जाता है कि जब इस पुस्तक का पूर्ण संस्करण मार्केट में आया तो किताब के स्टॉक को रातों-रात मार्केट से गायब कर दिया गया। लेकिन अभी फिलहाल यह पुस्तक उपलब्ध है।

अर्बन नक्सल : Urban Naxals - The Making of Buddha in a Traffic Jam

फिल्म-निर्माता Vivek Agnihotri ने फिल्म “Buddha in a Traffic Jam” बनाने की अपनी यात्रा के बारे में लिखा है, जिसने भारत-व्यापी माओवादी आतंकवादी आंदोलन और शहरी केंद्रों जैसे उनके अकादमियों और media के समर्थकों के बीच सांठगांठ को व्यक्त किया है।

इस पुस्तक में विवेक अग्निहोत्री ने बताया है कि शहरी नक्सली अपने संदेश को बढ़ाने के लिए काम करते हैं, सामाजिक और पारंपरिक media के माध्यम से एक प्रचार युद्ध छेड़ते हैं। यह मनोरंजक कहानी विवेक अग्निहोत्री के महाविद्यालय में खुद को एक शहरी नक्सली बनने के लिए याद करती है। यदि आप शहरी नक्सलवाद को अच्छे से समझना चाहते हैं तो आपको यह किताब (अर्बन नक्सल) जरूर पढ़नी चाहिए।

भारत में सबसे विवादास्पद राजनीतिक पुस्तकों (Most Controversial Political Books in India Hindi) से संबंधित किताबों के बारे में आप क्या सोचते हैं अपनी राय नीचे कमेंट के जरिए हमारे साथ शेयर कर सकते हैं और इस लेख अपने दोस्तों के साथ सोशल मीडिया के जरिए शेयर कर सकते हैं। शुक्रिया।

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