Hindi Ghazal : भुलाना भी मुश्किल - कुनाल मीना

Dr. Mulla Adam Ali
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Hindi Ghazal "Bhulana Bhi Mushkil" by Kunal Meena

Hindi Ghazal by Kunal Meena

भुलाना भी मुश्किल

उन्हें दिल की बात बताना भी मुश्किल

दिल से उन्हें भुलाना भी मुश्किल।


बिना बताये जान जाते हैं वो दिल का हाल

कोई राज उनसे छुपाना भी मुश्किल।


शरमाते है वो पर इतराते नही

सामने उनके इतराना भी मुश्किल।


न जाने क्यूँ? वो इतने नादान है

उनकों तो आजमाना भी मुश्किल।


कभी रूठे नही वो हमसे गर

रूठ जाये तो मनाना भी मुश्किल।


घबरा जाते हैं वो फक्त छूने से ही

उनकों नजदीक लाना भी मुश्किल।


रहा नही जाता अब तो उनके बिना

अपनाना तो क्या? उन्हें भुलाना भी मुश्किल।

कुनाल मीना

दौसा, राजस्थान

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