विजय अभियान हिंदी कविता : Vijay Abhiyan Kavita in Hindi

Dr. Mulla Adam Ali
0

Vijay Abhiyan Kavita in Hindi : Hindi Kavita Kosh

Vijay Abhiyan Kavita in Hindi

हिन्दी कविता विजय अभियान : विजय अभियान हिन्दी कविता, हिंदी देशभक्ति कविता विजय अभियान, कारगिल विजय अभियान पर कविता, भारत देश पर कविता, Hindi Patriotic Poem Vijay Abhiyan, Hindi Deshbhakti Geet Vijay Abhiyan, Hindi Deshbhakti Kavita Vijay Abhiyan, Hindi Kavita Vijay Abhiyan, Kavita Kosh, Hindi Poetry...

विजय-अभियान

अमृत पुत्रों! अमृत का वरदान लिए जीना है।

भारतवासी ! भारत की पहचान लिए जीना है।।

भिन्न भले ही प्रांत-चेतना

भिन्न भले भाषा हो।

एक देश हो, एक राष्ट्र हो

एक चेतना की आशा हो।।


नव-संस्कृति का हमें, यही अवदान लिए जीना है।

भारतवासी ! भारत की पहचान लिए जीना है।।

सिंधू-सभ्यता के हम साक्षी

गंगा-यमुना के कछार है।

विश्व-सभ्यता संपोषक

मानवता के सिंह-द्वार है।।


पातोंमुख हों नहीं, हमें उत्थान लिए जीना है।

भारतवासी! भारत की पहचान लिए जीना है।

जाति-धर्म से बाहर आओ

नव-विहान की रचो रंगोली।

कंधों पर ढोनी है तुमको

भाग्यवती दुल्हन की डोली।।


हृदय-हृदय में यही एक, अरमान लिए जीना है।

भारतवासी! भारत का पहचान लिए जीना है।।

रक्त-धार में क्राति-घोष हो हो,

अमोघ संकल्प प्राण का।

स्वाभिमान संपूरित कर दो।

मान बढ़ाओ राष्ट्र-गान का।।


हमें पराजय नहीं, विजय-अभियान लिए जीना है।

भारतवासी ! भारत की पहचान लिए जीना है।।

- ज्योति नारायण

ये भी पढ़ें; ब्रांड एंबेसडर हिंदी कविता : Brand Ambassador Hindi Kavita

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top