"Bharat Gatha" by Dr. Shakuntala Kalra is an inspiring Hindi children's narrative poem that introduces young readers to India's legendary heroes, including Bharat, Chhatrapati Shivaji Maharaj, and Rani Lakshmibai. Through simple verses, the poem instills patriotism, courage, sacrifice, and pride in India's glorious heritage.
Bharat Gatha: An Inspiring Patriotic Hindi Poem for Children
भारत का इतिहास वीरता, त्याग और राष्ट्रप्रेम की अमर गाथाओं से भरा हुआ है। बाल साहित्य की सुप्रसिद्ध रचनाकार डॉ. शकुंतला कालरा की पद्यकथा "भारत-गाथा" बच्चों को सरल, सरस और प्रेरक शैली में भारत के महान वीरों से परिचित कराती है। भरत, छत्रपति शिवाजी महाराज और रानी लक्ष्मीबाई जैसे अमर नायकों के साहस, स्वाभिमान और देशभक्ति का जीवंत चित्रण इस कविता को अत्यंत प्रेरणादायक बनाता है। यह रचना बच्चों के मन में राष्ट्रप्रेम, वीरता और आदर्श जीवन मूल्यों का संचार करती है तथा उन्हें अपने गौरवशाली इतिहास पर गर्व करना सिखाती है।
भारतीय वीरों की गौरवगाथा और देशभक्ति का संदेश
भारत-गाथा
आजा बेटा वीर बहादुर,
तुझको गीत सुनाऊँ।
भारत माता के वीरों का
गौरव तुझे बताऊँ।
कुरु वंश का निडर एक था,
बालक तेरे जैसा।
गिन लेता था दाँत शेर के,
भरत’ वीर था ऐसा।
इसी “भरत” से देश हमारा,
“भारत” है कहलाया।
था शकुन्तला का बेटा वह,
कैसा गौरव पाया।
और एक जीजाबाई का,
वीर शिवाजी बेटा।
सुना-सुना कर वीर-कथाएँ
सब डर मन से मेटा।
खट्टे दाँत किए दुश्मन के,
ऐसा वीर सिपाही।
धूल चटाई मुगलशाह को,
आजादी का राही।
हुई बहादुर इसी देश में,
लड़कर जिसने अंग्रेजों से,
वीर गति थी पाई।
मान सहित मरना अच्छा है,
रानी का था नारा।
जिसने रण में अंग्रेजों को,
चुन-चुन कर था मारा।
किस-किस का मैं नाम गिनाऊँ,
जिसने दी कुर्बानी।
सुनना बेटा ध्यान लगाकर,
हर दिन एक कहानी।
- डॉ. शकुंतला कालरा
निष्कर्ष; "भारत-गाथा" केवल वीरों की कहानी नहीं, बल्कि देशभक्ति, साहस और बलिदान का प्रेरक संदेश है। यह पद्यकथा नई पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास से जोड़ते हुए राष्ट्रप्रेम और श्रेष्ठ संस्कारों की ओर प्रेरित करती है।
ये भी पढ़ें; मेवाड़ की शान: Maharana Pratap Ki Veerta – एक वीर राजपूत की गौरवगाथा


