Kargil War is a patriotic poem by Madhu Maheshwari that pays tribute to the courage, sacrifice, and unwavering spirit of the Indian soldiers during the 1999 Kargil War. It honors the nation's heroes and inspires readers with the values of bravery, patriotism, and selfless service.
Kargil War Poem by Madhu Maheshwari | A Tribute to India's Brave Soldiers
कारगिल युद्ध भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अमर अध्याय है। प्रस्तुत कविता में कवयित्री मधु माहेश्वरी ने कारगिल के वीर रणबांकुरों, विशेष रूप से शहीद कैप्टन विक्रम बत्रा सहित सभी अमर वीरों के अद्वितीय बलिदान को भावपूर्ण शब्दों में नमन किया है। यह कविता देशप्रेम, वीरता और राष्ट्रीय गौरव की भावना को जागृत करते हुए कारगिल विजय दिवस के महत्व का स्मरण कराती है।
कारगिल विजय दिवस विशेष कविता
कारगिल युद्ध
तीन मई उन्निस सौ निन्यानवे,
भारतीय इतिहास का काला दिन।
मिली नहीं होती सफलता भाई,
भारतीय शहीदों की ताकत बिन।।
पाकिस्तान के सैनिकों ने किया,
कब्जा कारगिल की पहाड़ियों पर।
खदेड़ने को वापस शत्रुओं को,
ऑपरेशन विजय पाॅंव छाती धर।।
नायक रहा कैप्टन विक्रम बत्रा,
परमवीर चक्र विजेता देश का।
भारत की रक्षा हेतु प्राणों की,
आहुति दे मान बढ़ाया देश का।।
कारगिल युद्ध में कईं वीरों ने,
देश हित जान की बाजी लगाईं।
छब्बीस जुलाई निन्यानवे को,
वहाॅं पर विजय पताका फहराईं।।
मधु माहेश्वरी, राजस्थान
निष्कर्ष; यह कविता कारगिल के अमर शहीदों के साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करती है। उनके अद्वितीय बलिदान की स्मृति हमें सदैव देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रीय एकता की प्रेरणा देती रहेगी।
ये भी पढ़ें; राष्ट्रीय एकता: कारगिल विजय पर आधारित ओजस्वी बाल कविता


